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📍 उत्तराखंड 🗓️ शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 📄 स्वचालित संस्करण - पृष्ठ 1 MSME: UDYAM-UK-05-0008560 मूल्य: ₹5.00 मात्र

इजरायल-ईरान तनाव: क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की कगार पर है?

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AI Reporter — हाल के हफ्तों में, मध्य पूर्व में तनाव एक खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। ईरान द्वारा इजरायल पर सीधे मिसाइल और ड्रोन हमले, और फिर इजरायल की जवाबी कार्रवाई ने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की आशंका से भर दिया है। यह सिर्फ दो देशों के बीच का संघर्ष नहीं, बल्कि एक बड़े भू-राजनीतिक टकराव की आहट है, जिसके वैश्विक परिणाम हो सकते हैं।दशकों पुरानी दुश्मनी की जड़ेंइजरायल और ईरान के बीच दुश्मनी कोई नई बात नहीं है। दशकों से, दोनों देश एक-दूसरे के कट्टर विरोधी रहे हैं, हालाँकि वे सीधे युद्ध में शायद ही कभी शामिल हुए हों। ईरान लेबनान के हिजबुल्लाह, गाजा के हमास और यमन के हوثियों जैसे प्रॉक्सी समूहों का समर्थन करता रहा है, जिन्हें इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा मानता है। 7 अक्टूबर को हमास के इजरायल पर हमले के बाद से, क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा था, जिससे यह क्षेत्र एक बारूद के ढेर में बदल गया था।हालिया टकराव और जवाबी कार्रवाईईरान ने दमिश्क में अपने वाणिज्य दूतावास पर हुए संदिग्ध इजरायली हमले के जवाब में इजरायल पर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइल दागे। इजरायल ने अपने सहयोगियों, विशेषकर अमेरिका की मदद से अधिकांश हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। इसके बाद, इजरायल ने ईरान के भीतर एक सीमित जवाबी हमला किया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। दोनों देशों ने एक-दूसरे को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है, जिससे दुनिया भर में चिंता की लहर दौड़ गई है।वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति पर प्रभावइस संघर्ष के वैश्विक निहितार्थ बहुत गहरे हैं। अगर यह युद्ध बढ़ता है, तो इसके कई गंभीर परिणाम हो सकते हैं:तेल बाजार: मध्य पूर्व दुनिया के तेल उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा है। किसी भी बड़े संघर्ष से तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।व्यापार मार्ग: स्वेज नहर और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग बाधित हो सकते हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित होंगी।शरणार्थी संकट: एक बड़े युद्ध से लाखों लोग विस्थापित हो सकते हैं, जिससे एक गंभीर मानवीय और शरणार्थी संकट पैदा होगा।परमाणु खतरा: ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से चिंताएं हैं। अगर संघर्ष परमाणु आयाम लेता है, तो इसके परिणाम विनाशकारी होंगे।क्या यह तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत है?सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह क्षेत्रीय संघर्ष वैश्विक शक्तियों को अपनी ओर खींच सकता है। अमेरिका इजरायल का एक मजबूत सहयोगी है, जबकि रूस और चीन ईरान के साथ अपने संबंध बनाए हुए हैं। अगर अमेरिका और उसके सहयोगी इजरायल के पक्ष में सीधे तौर पर हस्तक्षेप करते हैं, और रूस या चीन ईरान का समर्थन करते हैं, तो यह एक बड़े पैमाने पर वैश्विक टकराव में बदल सकता है, जिसे अक्सर "तीसरा विश्व युद्ध" कहा जाता है। इस तरह के संघर्ष में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का जोखिम भी बढ़ सकता है, जिससे मानव सभ्यता के लिए खतरा पैदा हो सकता है।कूटनीति और शांति की उम्मीददुनिया भर के नेता इस स्थिति को शांत करने और कूटनीतिक समाधान खोजने का प्रयास कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और कई देशों ने सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है। उम्मीद है कि समझदारी और कूटनीति इस क्षेत्र को पूर्ण पैमाने पर युद्ध में गिरने से बचा सकती है।इजरायल और ईरान के बीच तनाव एक नाजुक मोड़ पर है। दुनिया एक ऐसी स्थिति का सामना कर रही है जहां एक गलत कदम या एक गलत अनुमान विनाशकारी परिणामों को जन्म दे सकता है। यह समय है जब वैश्विक समुदाय को एकजुट होकर शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए काम करना चाहिए, ताकि तीसरे विश्व युद्ध की यह काली छाया हकीकत में न बदल जाए।

मसूरी इंटरनेशनल में तीन दिवसीय लीडरशिप कार्यक्रम शुरू, देशभर के विद्यार्थियों ने दिखाई नेतृत्व क्षमता

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SUNIL SONKER — मसूरी इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित तीन दिवसीय लीडरशिप कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा, ताकि वे भविष्य में समाज और देश को बेहतर नेतृत्व प्रदान कर सकें। 📰 यह भी पढ़ें चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन में मसूरी पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’, 101 वाहनों के चालानमसूरी में बड़ा हादसा टलारू खाई में उतरी पर्यटकों की कार, पुलिस ने चार लोगों को सकुशल निकालाकार्यक्रम का शुभारंभ देव वंदना और विद्यालय प्रार्थना के साथ किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या शालू बब्बर ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास के गुण होना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को नई सोच, नए अनुभव और सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। जिससे वे जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सजंय षर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक अच्छा नेता वही होता है। जो अपनी टीम को साथ लेकर आगे बढ़े और सभी के विचारों का सम्मान करे। उन्होंने छात्रों को अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज के छात्र देश का भविष्य हैं और यदि उनमें सही दिशा में नेतृत्व क्षमता विकसित की जाए तो वे समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए छात्र-छात्राओं ने आपस में परिचय साझा किया। इसके बाद अलग-अलग टीमों में बांटकर रचनात्मक और प्रेरणादायक गतिविधियां कराई गईं। विद्यार्थियों के लिए समूह चर्चा, प्रस्तुति, समस्या समाधान और नेतृत्व से जुड़े विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए।इ न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में टीम भावना, संवाद कौशल और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में राजमाता कृश्णा कुमारी गर्ल्स पब्लिक स्कूल, पाइन ग्रोव स्कूल, बिरला पव्लिक स्कूल, बिरला बालिका विद्यापीठ, यदाविन्द्रा पब्लिक स्कूल, सनबीन गु्रन ऑफ स्कूल सहित देश के कई प्रतिष्ठित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रधानाचार्य शालू बब्बर ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि विद्यार्थी यहां सीखे गए नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास के गुणों को अपने जीवन में अपनाकर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देंगे।

चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन में मसूरी पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’, 101 वाहनों के चालान

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SUNIL SONKER — मसूरी में चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के चलते बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए डनेेववतपम च्वसपबम ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत विशेष चेकिंग अभियान चलाकर यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की। अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 101 वाहनों के चालान किए, जबकि कई वाहनों को सीज भी किया गया। 📰 यह भी पढ़ें मसूरी में बड़ा हादसा टलारू खाई में उतरी पर्यटकों की कार, पुलिस ने चार लोगों को सकुशल निकालामसूरी में समायरा पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट का शुभारंभकोतवाली मसूरी क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाना रहा। पुलिस ने सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों, ब्लैक फिल्म लगी गाड़ियों, शराब पीकर वाहन चलाने वालों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में सबसे अधिक 80 चालान नो पार्किंग के तहत किए गए, जिन्हें माननीय न्यायालय भेजा गया। वहीं ब्लैक फिल्म लगाने वाले तीन वाहन चालकों के चालान कर 1500-1500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा खतरनाक ढंग से वाहन चलाने पर एक चालक का चालान किया गया। शराब पीकर वाहन चलाने के मामले में एक कार को सीज किया गया, जबकि यातायात नियमों के उल्लंघन पर सात चालान किए गए। पुलिस एक्ट की धारा 81 के तहत भी तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर छह दोपहिया वाहनों को भी सीज किया गया। पुलिस ने वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी कि वे अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें। मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान ने कहा कि सड़क किनारे खड़े वाहन न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं। चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में नियमों का पालन करना सभी के लिए जरूरी है। मसूरी पुलिस ने आमजन और पर्यटकों से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें और सहयोग बनाए रखें, ताकि यात्रा सीजन के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।

मसूरी में बड़ा हादसा टलारू खाई में उतरी पर्यटकों की कार, पुलिस ने चार लोगों को सकुशल निकाला

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SUNIL SONKER — मसूरी में रविवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा टल गया, जब देहरादून से मसूरी आ रही एक ब्रेजा कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई की ओर उतर गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता से कार में सवार सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। 📰 यह भी पढ़ें मसूरी में समायरा पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट का शुभारंभमसूरी दूधली वनाधिकार विवाद पर फैक्ट फाइंडिंग टीम की बड़ी रिपोर्ट, “प्रशासन का रवैया कानून की भावना के विपरीतजानकारी के अनुसार घटना करीब दोपहर 1 बजे मसूरी कोलूखेत पुलिस चौकी से लगभग 100 मीटर पहले देहरादून मार्ग पर हुई। अस्थाई पंजीकरण नंबर वाली सफेद रंग की ब्रेजा कार देहरादून से मसूरी की ओर आ रही थी, तभी चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और कार सड़क से बाईं ओर नीचे खाई में उतर गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभालते हुए सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कार में सवार पर्यटकों की सतीष कुमार, संजीव, सोहन लाल और पिं्रस के रूप में हुई। सभी पर्यटक हरियाणा के पंचकूला-हिसार क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी को कोई चोट नहीं आई। बाद में पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से वाहन को खाई से निकलवाकर सुरक्षित सड़क किनारे खड़ा कराया और यातायात को सुचारु कराया।हरियाणा से आए पर्यटकों ने मसूरी पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मदद की सराहना करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया।

मसूरी में समायरा पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट का शुभारंभ

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SUNIL SONKER — मसूरी के दूधली स्थित सीडर ब्रीज़ विला में रविवार को समायरा पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के नए परिसर का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में नीति निर्माण, ग्रामीण विकास, स्थानीय शासन और सहकारिता को लेकर कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की गई। 📰 यह भी पढ़ें मसूरी दूधली वनाधिकार विवाद पर फैक्ट फाइंडिंग टीम की बड़ी रिपोर्ट, “प्रशासन का रवैया कानून की भावना के विपरीतमसूरी पब्लिक स्कूल में सांस्कृतिक दिवस की धूम, लोक नृत्य और कला प्रस्तुतियों ने मोहा मन समारोह में सांसद नरेष बंसल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और ग्रामीण विकास व जमीनी लोकतंत्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और फीता काटकर किया गया। नरेष बंसल ने कहा कि भारत के विकास की असली ताकत गांव, ग्राम पंचायतें और स्थानीय निकाय हैं। उन्होंने कहा कि जब तक नीतियां जमीनी जरूरतों के अनुरूप नहीं बनेंगी, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि युवाओं को नीति निर्माण, पंचायत व्यवस्था और ग्रामीण विकास से जोड़ा जाए। उन्होंने समायरा पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के संस्थान लोकतांत्रिक संवाद और शोध को नई दिशा देने का कार्य करेंगे। कार्यक्रम के दौरान संस्थान ने अपनी विभिन्न योजनाओं और आगामी परियोजनाओं की जानकारी दी। संस्थान द्वारा हरियाणा के जींद जिले की ग्राम पंचायत शामलो कला को गोद लेकर वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ग्रामीण नवाचार प्रयोगशाला स्थापित करने और कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण पर कार्य करने की जानकारी दी गई।इसके साथ ही उत्तराखंड के नैनीताल जिले में पर्यावरण अनुकूल और मिट्टी के घरों के निर्माण को बढ़ावा देने की पहल का भी उल्लेख किया गया। संस्थान ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों पर आधारित टिकाऊ विकास मॉडल को बढ़ावा देना समय की जरूरत है।कार्यक्रम में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की स्मृति में “लोकनायक ग्रामीण फैलोशिप” शुरू करने की घोषणा भी की गई। यह पहल एवीएआरडी के सहयोग से शुरू की जा रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं को ग्रामीण शासन, लोकतंत्र और सामुदायिक विकास से जोड़ना है। संस्थान ने श्रीपाद सुबराव तलमाकी सहकारी अनुसंधान विभाग की स्थापना की भी घोषणा की। यह विभाग भारत के सहकारिता आंदोलन के जनक माने जाने वाले श्रीपाद सुबराव तालमाकी के नाम पर स्थापित किया गया है और सहकारिता प्रणाली से जुड़े शोध। नीति निर्माण और संस्थागत सहयोग पर कार्य करेगा। कार्यक्रम में, सुनीता कुडले, नित्या नंदा, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला , वार्ड सदस्य जसबीर कौर।अल्का भिन्डे, राजवीर चटर्जी, कमलकांत पाठक सहित संख्या में नीति विशेषज्ञ, शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि, शोधकर्ता, छात्र और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे।

मसूरी दूधली वनाधिकार विवाद पर फैक्ट फाइंडिंग टीम की बड़ी रिपोर्ट, “प्रशासन का रवैया कानून की भावना के विपरीत

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SUNIL SONKER — मसूरी में आयोजित एक प्रेस वार्ता में देशभर से पहुंचे स्वतंत्र फैक्ट फाइंडिंग दल ने दूधली वनाधिकार विवाद को लेकर गंभीर सवाल उठाए। टीम ने आरोप लगाया कि प्रशासन का रवैया फोरेस्ट राइट एक्ट 2006 की भावना और प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। 📰 यह भी पढ़ें मसूरी पब्लिक स्कूल में सांस्कृतिक दिवस की धूम, लोक नृत्य और कला प्रस्तुतियों ने मोहा मनगुरु नानक स्कूल के वार्षिक मेले में उमड़ी रौनक, खेल, संगीत और लकी ड्रॉ ने बढ़ाया उत्साह तथा ग्राम सभा के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। टीम ने पूरे मामले में राज्य सरकार और केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।आठ सदस्यीय स्वतंत्र फैक्ट फाइंडिंग टीम ने 8 और 9 मई को दूधली गांव, देहरादून और मसूरी क्षेत्र का दौरा किया। टीम में वनाधिकार कानून पर काम कर रहे राष्ट्रीय स्तर के संगठनों के प्रतिनिधि, स्वतंत्र वकील, पत्रकार और शोधकर्ता शामिल थे। टीम ने ग्राम सभा सदस्यों, वन अधिकार समिति, वन प्रबंधन समिति, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी जुटाई।“ग्राम सभा को मान्यता नहीं देना कानून के विपरीत”प्रेस वार्ता में टीम के सदस्यों ने कहा कि एसडीएम स्तर पर ग्राम सभा की वैधता पर सवाल उठाया गया, जबकि वनाधिकार कानून 2006 के तहत ग्राम सभा को स्पष्ट अधिकार प्राप्त हैं। टीम के अनुसार प्रशासन का यह तर्क कि दूधली नगर पालिका के वार्ड-13 में आता है इसलिए ग्राम सभा मान्य नहीं है, कानून और जनजातीय कार्य मंत्रालय की गाइडलाइन के विपरीत है। टीम ने कहा कि कानून के तहत ऐसे गांव और बस्तियां, चाहे अधिसूचित हों या नहीं, ग्राम सभा के रूप में मान्य हैं। साथ ही निजी वन भूमि पर भी सामुदायिक वन अधिकार और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के दावे किए जा सकते हैं।“60 दिन में निर्णय होना था, अब तक कार्रवाई नहीं”फैक्ट फाइंडिंग टीम ने बताया कि दूधली ग्राम सभा द्वारा जुलाई 2025 में सामुदायिक वन अधिकारों से संबंधित दावे प्रस्तुत किए गए थे। लेकिन कानून में निर्धारित 60 दिन की समयसीमा के बावजूद अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। टीम ने इसे प्रशासनिक लापरवाही और गंभीर उदासीनता बताया। टीम के सदस्यों ने कहा कि ग्राम सभा द्वारा कई बार प्रशासन को स्मरण पत्र दिए गए, लेकिन उसके बाद भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। यहां तक कि 19 फरवरी 2026 को मुख्य सचिव को भेजा गया पत्र भी अब तक विचाराधीन बताया जा रहा है।“डर और दबाव का माहौल बनाया जा रहा”टीम ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा के सदस्यों के बीच डर और दबाव का माहौल बना हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया कि 17 अप्रैल 2026 को वन क्षेत्र में फेंसिंग को लेकर ग्राम सभा और निजी भूमि मालिकों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद पुलिस में शिकायतें दर्ज हुईं। इसके बाद ग्राम सभा ने पर्यटन दबाव और अतिक्रमण रोकने के लिए बैरियर और सूचना बोर्ड लगाए थे, लेकिन 26 अप्रैल को प्रशासन पुलिस बल के साथ पहुंचा और बैरियर हटाकर बोर्ड तोड़ दिए गए। टीम का कहना है कि इस कार्रवाई से ग्रामीणों में भय का माहौल पैदा हुआ है। ग्राम सभा के सदस्यों ने टीम को बताया कि उन्हें लगातार धमकियां और डराने वाले फोन कॉल मिल रहे हैं। साथ ही वन क्षेत्र में अवैध फेंसिंग और पेड़ कटान की घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई गई।सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांगप्रेस वार्ता में टीम के सदस्यों ममता दाश, दशरथी बेहरा, सूर्यमणि भगत, जेवियर कुजूर, सृष्टि दत्ता अग्निहोत्री और अन्य सदस्यों ने सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। टीम ने मांग की है कि दूधली ग्राम सभा के सामुदायिक वन अधिकार दावों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।वनाधिकार कानून को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को संवेदनशील बनाया जाए तथा ग्राम सभा सदस्यों को सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही धमकी, अवैध फेंसिंग और पेड़ कटान के मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई।फैक्ट फाइंडिंग टीम ने कहा कि वनाधिकार कानून का उद्देश्य ऐतिहासिक अन्याय को सुधारना है। और यदि ग्राम सभाओं के वैध अधिकारों को नजरअंदाज किया गया तो इससे सामाजिक तनाव और बढ़ सकता है।

मसूरी पब्लिक स्कूल में सांस्कृतिक दिवस की धूम, लोक नृत्य और कला प्रस्तुतियों ने मोहा मन

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SUNIL SONKER — मसूरी पब्लिक स्कूल में शनिवार को सांस्कृतिक दिवस उत्साह और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और कला से जुड़ी विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। 📰 यह भी पढ़ें गुरु नानक स्कूल के वार्षिक मेले में उमड़ी रौनक, खेल, संगीत और लकी ड्रॉ ने बढ़ाया उत्साहमसूरी में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 55 मामलों का निस्तारण, साढ़े 34 लाख रुपये के चैक बाउंस दो बड़े मामलों में हुआ समझौताविद्यालय परिसर पूरे दिन सांस्कृतिक रंगों और उत्साह से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य विषाल सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद विभिन्न सदनों धर्मा सदन, ज्वाला सदन, सूर्य सदन और नारायणा सदन के विद्यार्थियों ने अलग-अलग सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लिया। सांस्कृतिक दिवस के दौरान विद्यार्थियों ने लोक नृत्य, लोक गायन, सांस्कृतिक भ्रमण, शिरोवस्त्र निर्माण, प्रतिभा प्रदर्शन, अग्नि हीन कुकिंग, कला प्रतियोगिता, सांस्कृतिक प्रदर्शन और श्लोक पाठ जैसी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों की रंग-बिरंगी वेशभूषा और परंपरा प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया। लोक नृत्य और लोक गायन प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों ने विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया। वहीं अग्नि हीन कुकिंग और कला प्रतियोगिता में बच्चों की रचनात्मकता की भी खूब सराहना हुई। इस अवसर पर प्रधानाचार्य विशाल सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सांस्कृतिक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक दिवस विविधता में एकता और भारत की समृद्ध विरासत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि संस्कृति केवल नृत्य, संगीत या पहनावे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन जीने का तरीका, रीति-रिवाज, खान-पान और वे संस्कार हैं जो समाज को एक सूत्र में बांधते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी संस्कृति और परंपराओं को संजोकर रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और अभिभावकों ने भी विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की।