पर्यटन सीजन शुरू होते ही पहाड़ों की रानी मसूरी एक बार फिर भीषण जाम की समस्या से कराह उठी। वीकेंड पर हजारों पर्यटकों के पहुंचने से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हालात ऐसे रहे कि कई स्थानों पर पैदल चलना तक मुश्किल हो गया। लगातार लग रहे जाम ...
पर्यटन सीजन शुरू होते ही पहाड़ों की रानी मसूरी एक बार फिर भीषण जाम की समस्या से कराह उठी।
वीकेंड पर हजारों पर्यटकों के पहुंचने से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हालात ऐसे रहे कि कई स्थानों पर पैदल चलना तक मुश्किल हो गया।
लगातार लग रहे जाम ने न केवल पर्यटकों बल्कि स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भी भारी परेशानियों में डाल दिया।
सबसे ज्यादा खराब स्थिति लंढौर छावनी क्षेत्र में गुरुद्वारा चौक से मलिंगार तक, गांधी चौक, बडे मोड से विक्चर पैलेस चौक में देखने को मिली, जहां घंटों वाहन रेंगते नजर आए।
हालांकि पुलिस और प्रशासन द्वारा यातायात नियंत्रित करने के प्रयास किए गए, लेकिन बढ़ते वाहनों के दबाव के आगे व्यवस्थाएं पूरी तरह नाकाम साबित हुईं। स्थानीय लोगों का कहना है ।
मसूरी में हर साल पर्यटन सीजन में यही हालात बनते हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
जाम की सबसे बड़ी वजह मलिंगार चौक पर लाल टिब्बा जाने वाले वाहनों की अव्यवस्थित आवाजाही रही।
चार दुकान से आने और मलिंगार से लौटने वाले वाहनों के लिए एक ही संकरा मार्ग होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगती रही।
पुलिस द्वारा बारी-बारी से वाहनों को छोड़ा जाता रहा, लेकिन वाहनों का दबाव इतना अधिक था कि जाम लंढौर बाजार तक पहुंच गया।
स्थिति को और खराब करने में बड़ी संख्या में चल रही रेंटल स्कूटियां भी बड़ी वजह बनीं। स्थानीय लोगों का आरोप है।
कि कई पर्यटक स्कूटी चालक यातायात नियमों का पालन नहीं करते और गलत दिशा में वाहन घुसा देते हैं, जिससे जाम की स्थिति और बिगड़ जाती है।
लोगों का कहना है कि यदि स्कूटी चालकों के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं और उन्हें एक साइड में चलाया जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
वहीं माल रोड पर पिक्चर पैलेस से ग्रीन चौक और रियाल्टो चौक तक दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
हालांकि पिक्चर पैलेस और लंढौर मार्ग पर लागू एक मार्गीय यातायात व्यवस्था से कुछ राहत जरूर मिली।
लेकिन शहर के अन्य हिस्सों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आई। कैमल बैक रोड और एनएच-707ए टिहरी बाईपास पर भी दिनभर जाम लगा रहा।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते ट्रैफिक व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो इसका सीधा असर मसूरी के पर्यटन और व्यापार पर पड़ेगा।
पर्यटक घंटों जाम में फंसने के बाद शहर आने से बचेंगे, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी और स्थानीय कारोबार प्रभावित होगा।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन हर साल केवल अस्थायी व्यवस्थाओं के भरोसे रहता है।
जबकि बढ़ते पर्यटन दबाव को देखते हुए पार्किंग, शटल सेवा और वैकल्पिक मार्गों पर गंभीरता से काम नहीं किया जा रहा।
लोगों ने मांग की है कि पर्यटन सीजन के दौरान मसूरी में स्थायी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए, रेंटल स्कूटियों पर नियंत्रण हो।
पार्किंग व्यवस्था बढ़ाई जाए और प्रमुख मार्गों पर स्मार्ट ट्रैफिक मॉनिटरिंग शुरू की जाए, ताकि शहर को जाम से राहत मिल सके।