पर्यटन सीजन के बीच मसूरी नगर पालिका प्रशासन द्वारा सड़क किनारे खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर क्लैंप और चेन लगाने।की कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है। पालिका की इस कार्रवाई के खिलाफ पर्यटकों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ...
पर्यटन सीजन के बीच मसूरी नगर पालिका प्रशासन द्वारा सड़क किनारे खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर क्लैंप और चेन लगाने।
की कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है। पालिका की इस कार्रवाई के खिलाफ पर्यटकों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
लोगों ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के अचानक चालान और क्लैंपिंग अभियान चलाकर लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन द्वारा पालिका के कर्मचारियों के साथ पालिका रोड और अपर माल रोड।
क्षेत्र में पहुंचे और सड़क किनारे खड़े वाहनों पर क्लैंप और चेन लगानी शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान कई पर्यटक और टैक्सी चालक परेशान नजर आए।
देहरादून से घूमने आए कुछ पर्यटकों ने आरोप लगाया कि उन्होंने किराये पर स्कूटी लेकर स्थानीय लोगों के बताए स्थान पर वाहन खड़ा किया था, लेकिन वापस लौटने पर स्कूटी चेन और क्लैंप से जकड़ी मिली।
पर्यटकों का कहना था कि उनसे पांच हजार रुपये तक चालान शुल्क जमा करने को कहा गया और देर रात तक वाहन छोड़े जाने की बात कही गई, जिससे उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ी।
पर्यटकों ने सवाल उठाया कि जब शहर में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था ही नहीं है तो लोग वाहन कहां खड़े करें।
उनका कहना था कि पर्यटन को बढ़ावा देने की बात करने वाली सरकार और प्रशासन को पहले सुविधाएं विकसित करनी चाहिए, न कि पर्यटकों का शोषण करना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई से मसूरी का पर्यटन प्रभावित होगा और पर्यटकों में गलत संदेश जाएगा।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने भी नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया।
उनका कहना था कि मसूरी के कई क्षेत्रों जैसे स्प्रिंग रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग, कैमेल बैक रोड और।
अपर माल रोड पर बड़ी संख्या में वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं, लेकिन कार्रवाई चुनिंदा लोगों पर ही की जा रही है।
लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन व्यवस्था सुधारने के बजाय केवल चालान और जुर्माने के जरिए दबाव बना रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि यदि नगर पालिका पर्याप्त पार्किंग और यातायात व्यवस्था उपलब्ध नहीं करा पा रही है तो केवल सख्ती और चालान से समस्या का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि “ट्रिपल इंजन सरकार” मसूरी की मूल समस्याओं को हल करने में विफल रही है और इसका असर आने वाले समय में राजनीतिक रूप से भी देखने को मिलेगा।
वहीं नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन का कहना है।
कि पर्यटन सीजन में जाम की समस्या से निजात दिलाने और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए नियमों का पालन जरूरी है।
हालांकि स्थानीय लोग और पर्यटक इस कार्रवाई को अव्यवस्थित और मनमानी बताते हुए विरोध जता रहे हैं।