देहरादून, उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे राज्य भर में लोगों में दहशत का माहौल है। मंगलवार शाम से शुरू हुआ मौसम का यह भयानक रूप बुधवार को भी जारी रहा, जब तेज़ अंधड़, धूल भरी आंधी और काले घने बादलों ने आसमान को पूरी तरह ...
देहरादून, उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे राज्य भर में लोगों में दहशत का माहौल है। मंगलवार शाम से शुरू हुआ मौसम का यह भयानक रूप बुधवार को भी जारी रहा, जब तेज़ अंधड़, धूल भरी आंधी और काले घने बादलों ने आसमान को पूरी तरह से घेर लिया। राजधानी देहरादून समेत हरिद्वार, ऋषिकेश और पर्वतीय जिलों में अचानक हुई इस भारी बारिश और अंधड़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
मंगलवार शाम को अचानक आसमान में काले बादल छा गए और कुछ ही देर में तेज़ अंधड़ चलने लगा। हवा की रफ़्तार इतनी अधिक थी कि कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे भी गिर गए। अंधड़ के बाद शुरू हुई तेज़ बारिश और ओलावृष्टि ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। सड़कों पर पानी भर गया और दृश्यता कम होने से यातायात भी प्रभावित हुआ। लोगों को अपने घरों में दुबकने पर मजबूर होना पड़ा।
मौसम विभाग ने पहले ही अगले 24 से 48 घंटों के लिए राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज़ हवाओं और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। विभाग ने विशेष रूप से उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर और अल्मोड़ा जैसे पहाड़ी जिलों के लिए चेतावनी जारी की थी, जहां भूस्खलन और चट्टान गिरने की आशंका बढ़ गई है। मैदानी इलाकों में भी आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई थी, जो अब हकीकत में बदल गई है।
देहरादून में, शाम होते ही आसमान काला पड़ने लगा और कुछ ही मिनटों में धूल भरी आंधी ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया। सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों को अपनी गाड़ियां रोकनी पड़ीं। कई इलाकों में बिजली गुल हो गई, जिससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। बिजली आपूर्ति बाधित होने से रात के समय कई मोहल्लों में अंधेरा छा गया।
पहाड़ी क्षेत्रों में चार धाम यात्रा मार्ग पर भी मौसम की मार का असर देखा जा रहा है। खराब मौसम के कारण यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लिए बिना यात्रा शुरू न करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें। भूस्खलन के खतरे को देखते हुए, संवेदनशील मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों से भी आग्रह किया गया है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित रहें। बिजली के तार और खंभों से दूर रहने की भी सलाह दी गई है, क्योंकि तेज़ हवाओं के कारण उनके गिरने का खतरा बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह अचानक आया मौसम का बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हुआ है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। किसानों को भी अपनी फसलों को लेकर चिंता सता रही है, क्योंकि ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड में मौसम का यह विकराल रूप राज्य के निवासियों और प्रशासन दोनों के लिए एक चुनौती बन गया है। सभी को सतर्क और सुरक्षित रहने की आवश्यकता है।